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अग्निपथ के खिलाफ के खिलाफ कर रहे प्रदर्शन से ट्रेनों पर पड़ा भरी असर -जानिए क्या होगा सरकार का अगला कदम

भारतीय सेना में हुए बदलाव का ट्रेनों पर बहुत बड़ा प्रभाव -जानिए सरकार का अगला कदम 

अग्निपथ
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आपको पता होगा सायद की कुश दिन पहले ही भारतीय सेन की भर्ती को रद्द करके उसके कई नियमो में बदलाव कर दिया है। उन्ही बदलाव और भर्ती रद्द के कारण युवा सरकार से बहुत नाराज हो गए है। और वे सड़को और रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन कर रहे है। उन्हें इस भर्ती के रद्द हो जाने पर उनके दिल को बहुत ठेश पहुंची है।

आप ऊपर दी गयी फोटो को देखकर अंदाजा लगा सकते हो की युवाओ को इस भर्ती के रद्द होने पर कितना नुकसान हुआ है। जो लोग इस भर्ती के लिए दिन रात एक करके दो -तीन साल से लगातार मेहनत कर रहे थे। सरकार ने एक ही पल में उनके सपनो पर पानी फेर दिया।

भर्ती की तैयारी कर रहे कई युवाओ ने तो फांसी लगाकर सुसाइड भी कर लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने अपने माता -पिता सुसाइड नॉट में लिखा है की ये सरकार बड़ी बेरहम और जालिम इन्होने हम सब के सपनो पे पानी फेल दिया है आप इसे वोट मत देना।

लोगो के मन में ये सवाल है की आखिरकार क्यों सरकार ने इतना बड़ा फैसला लिया क्या सरकार की नजर में उन युवाओ के सपनो की कोई कीमत नहीं। आपके इस सवाल का जबाव में आपको दुगा बस आप पोस्ट के अंत तक बने रहियेगा।

सरकार ने क्यों लिया भारतीय सेना की भर्ती को रद्द करने का फैसला -जानिए 

अग्निपथ
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भारतीय सेना की भर्ती को अचानक से रद्द करने पर सेना की तैयारी कर कई युवाओ के दिल पर काफी टेश पहुंची है। उन्होंने सरकार के इस फैसले का विरोध करने के लिए कई जगहों पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। कई ट्रेनों और बसों में तोड़ फोड़ करके उन्हें जला दिया दिया है। इसी डर के कारण आज सरकार ने 181 मेल एक्सप्रेस और 348 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल कर दिया है।

लोगो के बढ़ते रोजगार की मांगो को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय सेना में इतना बड़ा बदलाव किया है सरकार ने सभी को रोजगार देने के लिए अग्निपथ की योजना बनाई है। सरकार का ये नियम तो भारतीय युवाओ के हिट में था लेकिन उन्होंने इसी के साथ ही एक नियम और निकला है जो बहुत ही खराब है।

भारतीय सेना में भर्ती होने वाला सिपाई सेना में केवल चार साल तक ही सेवा कर सकेगा उसके बाद वो उसने नौकरी नहीं कर सकता। सरकार ने 21 साल तक ही भर्ती देख सकता है उस नियमो को बदलकर अब 23 साल तक कर दिया है। अब लोग भारतीय सेना की भर्ती 23 की उम्र में भी कर सकते है।

भारत के कई नेताओ ने भी अग्निपथ के इस नियम का विरोध किया -जानिए 

अग्निपथ
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अग्निपथ का फैसला भारत के प्रधानमंत्री और सेना के कई बड़े अधिकारियो न ने लिया है। इस फैसले का कई नेताओ ने विरोध किया है।

राहुल गांधी ने ‘अग्निपथ’ पर साधा निशाना

कॉग्रेस के नेता राहुल गांधी भी अग्निपथ इ विरोध करते हुए प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी पर निशान साधा है। उन्होंने खा है की नरेंद्र मोदी ऐसे फैसले लेते है जो जनता को पसंद नहीं आते। उन्हें तो फिर अपनी पड़ोसी देशो और अपने मित्रो की आवाज सुनाई देती है। देश की जनता क्या चाहती है। वो उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा।

उन्होंने कहा है की लोगो के हितो में फैसले लेने चाहिए ताकि जनता दुखी न हो। पहले भी वे कई फैसले ले चुकी है जिनका जनता ने विरोध किया है। अग्निपथ – नौजवानों ने नकारा  कृषि कानून – किसानों ने नकारा नोटबंदी – अर्थशास्त्रियों ने नकारा GST – व्यापारियों ने नकारा देश की जनता क्या चाहती है उसके बारे में वो कुछ नहीं जानते।

सचिन पायलट ने भी इस योजना पर विचार नहीं किया गया-ऐसा कहा 

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राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने भी सरकार के इस फैसले तक चर्चा करते हुए कहा है की सरकार  ने फैसले को लेने ने तनिक भी विचार नहीं किया। उन्होंने कहा की यह तो नोटबंदी की तरह हुआ की अचानक से सरकार से फैसले जनता केव सामने रख दिए है।

लाखो युवा इस भर्ती के लिए दो तीन साल से तैयारी कर रहे थे। सरकार को उनके सपनो पर पानी नहीं फेरना चाहिए इससे देश की सुरक्षा में भी कमी पड़ सकती है।

अग्निपथ के विरोध में क्या कर रहे छात्र। 

छात्र लगातार इसका विरोध कर रहे उन्होंने अभी तक 12 जिलों में कहर मचा रखा है। उन्होंने कई ट्रेनों और सरकारी बसों को जला दिया है। वे लगातार स्टेशनों पर जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

हरियाणा पंजाब ,दिल्ली ,राजस्थान,उत्तराखंड,वाराणसी,गुरुग्राम चित्तौड़गढ़ हल्द्वानी जम्मू बिहार,आदि जिलों में छात्र बहुत तेज प्रदर्शन कर रहे है। कई छात्रों ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए सुसाइड कर लिया है। लेकिन सरकार को इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है।

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